हवा में ताश का महल नहीं बनता,

रोने से बिगड़ा मुकद्दर नहीं बनता।

दुनिया जीतने का हौसला रख ऐ दोस्त,

एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता॥


बेहतर से बेहतर की तलाश करो,
मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो।
टूट जाता है शीशा पत्थर की चोट से,
टूट जाए पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो॥

ईश्वर का दिया कभी अल्प नहीं होता,
जो टूट जाए वो संकल्प नहीं होता।
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना मेरे दोस्त,
क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता॥
जब आंखों में अरमान लिया,
मंजिल को अपना मान लिया।
है मुश्किल क्या आसान क्या,
जब ठान लिया तो ठान लिया॥
दुनिया का हर शौक पाला नहीं जाता,
कांच के खिलौनों को उछाला नहीं जाता।
मेहनत करने से मुश्किल हो जाती है आसान,
क्योंकि हर काम तकदीर पर टाला नहीं जाता॥
Thanks.

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